बिलासपुर/3 जून -बुधवार अरपा प्रवाह न्यूज़:शरद यादव
जन औषधि केंद्र छत्तीसगढ़ के हर जिले में खोला गया है ताकि आम नागरिकों को सस्ती रियायत दर दवाइयां उपलब्ध हो सके पूरे प्रदेश के 33 जिलों में 352 जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए है, जिनमें हर प्रकार की दवाएँ उपलब्ध हैं ।
सरकार आम लोगों के जेबों में आर्थिक भार कम करने के लिए जन कल्याणकारी योजनाओं को चला रही है जिसमें ये एक महती योजना है ।ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं कि अपेक्षा जेनरिक दवाएं सस्ती होती है ।प्रदेश में जन औषधि केंद्र का जिलेवार विवरण उपलब्ध है,प्रदेश के सभी जिलों में संचालित हो रही है ।
छ्त्तीसगढ़ राज्य में फ़रवरी 2026 तक खोले गए जनऔषधि केंद्र के जिलेंवार विवरण:
(1)बिलासपुर में-20
(2)बस्तर में-11
(3)दुर्ग में -61
(4)धमतरी में -10
(5)दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में-2
(6)जांजगीर-चांपा में -10
(7)जशपुर में-9
(8)उत्तर बस्तर कांकेर में-4
(9)कबीरधाम में-7
(10)कोरबा में-12
(11)कोरिया में-3
(12)महासमुंद में-11
(13)रायगढ़ में-12
(14)रायपुर में-42
(15)राजनादगांव में-19
(16)सरगुजा में-5
(17)बीजापुर में-03
(18)नारायणपुर में-3
(19)सुकुमा में-1
(20)कोंडागांव में -7
(21)बलौदा बाज़ार-भांटापारा में -22
(22)गरियाबंद में-7
(23)बलोद में-8
(24)मुंगेली में-8
(25)सूरजपुर में-7
(26)बलरामपुर –रामनुजगंज में -7
(27)बेमेतरा में-10
(28)गौरेला -पेण्ड्रा -मरवाही में -5
(29)खैरागढ़ छुईखदान में-7
(30)मनेंद्रगढ़ में -भरतपुर-चिरमिरी में-5
(31)मोहला-मानपुर में-4
(32)शक्ति -5
(33)सारंगगढ़ में-4
भारत सरकार द्वारा सभी को किफ़ायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएँ उपलब्ध करायी जाती है ।
इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगी ब्रांडेड दवाओं के बोझ से बचाना है। यहाँ मिलने वाली दवाइयाँ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती होती हैं।
- ये जेनेरिक दवाइयाँ गुणवत्ता में महंगी ब्रांडेड दवाओं के बिल्कुल समान होती हैं।
- इन केंद्रों पर लगभग 2,000 से अधिक प्रकार की दवाइयाँ और 300 से ज्यादा सर्जिकल उपकरण उपलब्ध हैं।
- ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय रोग और गैस्ट्रो जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयाँ यहाँ प्रमुखता से मिलती हैं।
यह योजना भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है। इसे साल 2008 में शुरू किया गया था और 2016 में इसका नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ कर दिया गया।








