रतनपुर मंदिर विवाद नगर पालिका अध्यक्ष बनाम साध्वी आरोप-प्रत्यारोप जारी एक दूसरें का पुलिस अधीक्षक से शिकायत

संपादक:शरद यादव
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बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव साध्वी बनाम नपा अध्यक्ष, आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया रतनपुर का माहौल पुलिस जाँच पर टिका हुआ है मामला,मंदिर को क़ब्ज़े को लेकर विवाद शुरू हुआ है जो पुलिस तक पहुँच गया है आरोप प्रत्यारोप चल रहा है पुलिस जाँच के बाद ही वास्तविक मामला सामने आएगा ।

रतनपुर में साध्वी और नगर पालिका अध्यक्ष के बीच विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। जूना अखाड़ा से जुड़ी साध्वी पद्मनीपुरी राठौर ने नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप पर दुर्व्यवहार कर जान से मारने की धमकी देने और अपमानित करने के आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। वहीं शिकायत के दूसरे ही दिन अध्यक्ष लवकुश कश्यप ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कर खुद को निर्दोष बताते हुए अपना पक्ष रखा।

ग्राम चपोरा निवासी जूना अखाड़ा से जुड़ी साध्वी पद्मनीपुरी राठौर ने पुलिस अधीक्षक एसएसपी रजनेश सिंह से शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि 3 जून को फुलवारीपारा स्थित “भयहरण हनुमान मंदिर आश्रम “में आयोजित दयाराम दास के मृत्यु भोज कार्यक्रम के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

साध्वी के अनुसार वह संत-महात्माओं के साथ भोजन कर रही थीं, तभी नगर पालिका अध्यक्ष लवकुश कश्यप वहां पहुंचे ,कथित रूप से उन्हें भोजन स्थल से उठाकर जाने के लिए कहा।

साध्वी ने आरोप लगाया कि इस दौरान संत समाज के सामने उनका अपमान किया गया, हाथ पकड़कर अशोभनीय व्यवहार किया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद आश्रम में मौजूद संत-महात्माओं से उन्होंने इसकी शिकायत की थी और पूर्व में भी उन्हें परेशान किए जाने की घटनाएं होती रही हैं।

शिकायत में आश्रम से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया गया है। साध्वी का आरोप है कि आश्रम की जमीन और व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व में भी विवाद हुआ था, जिसमें गांव के कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

लवकुश कश्यप,,अध्यक्ष नगर पालिका रतनपुर ने शिकायत के अगले ही दिन नगर पालिका ने भी पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने लिखित आवेदन देकर कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार है,दुर्भावनावश लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 3 जून को आयोजित कार्यक्रम में कई आश्रमों के संत-महात्मा मौजूद थे और सामान्य चर्चा के दौरान पुरानी बातों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।लवकुश कश्यप ने अपने आवेदन में कहा है कि उन्होंने जीवन के कई वर्षों तक संत समाज का सम्मान किया है और कभी किसी साधु-संत का अपमान नहीं किया। उनका दावा है कि आश्रम के अधिकार और संपत्ति से जुड़े पुराने विवादों के चलते उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

 

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