बिलासपुर/यातायात पुलिस द्वारा जिलें में संचालित 23 हज़ार ई-रिक्शा का डिजिटलीकरण किया जा रहा है ।इसमें जिलें भर के ई-रिक्शा चालकों कों एक QR कोड दिया जा रहा है जिसको सभी रिक्शा चालकों को अपने रिक्शा में लगाना अनिवार्य होगा । इसमें यात्रियों को रिक्शा चालक के बारे में जानकारी मिल जाएगा ।इसके अलावा दिन-रात ई रिक्शा चालक रिक्शा चलाते है, जिससे उनके साथ कोई घटनाएं होती है तो इससे उनको भी पुलिस का सहायता मिलेगा ।इसके अलावा विभिन्न मार्गो में चलने वाले ऑटो रिक्शा संख्या के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर बनने में आसानी होगी ।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिलासपुररेंज के आईजी द्वारा किया गया ।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ट्रैफ़िक रामगोपाल करियारे ने जानकारी देते हुए बताया आईजी रामगोपाल गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले के ई-रिक्शा का डिजिटलीकरण करने का निर्देश प्राप्त हुआ ।जिस पर पूरे जिले में 23 हज़ार से अधिक ई रिक्शा संचालित है,जिसका डिजिटलीकरण किया जा रहा है,इसका उद्देश्य यात्रियों एवं आटों रिक्शा चालकों के सुरक्षा एवं शहर में चल रहे ऑटो रिक्शा की संख्या की जानकारी होगी ।
सभी ऑटो रिक्शा में QR कोड लगाया जा रहा है,जिसको स्कैन करने से रिक्शा में सवार होने वाले यात्रियों को पलक झपकते चालक की जानकारी मिल जाएगा ।इससे ऑटो रिक्शा चालकों को फायदा मिलेगा कई बार ऑटो चालकों को दिन के अलावा रात में भी गाड़ी लेकर जाना पड़ता है, जिससे कुछ घटना घटित होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध होगा ।
वहीं ई रिक्शा ऑटो चालकों को निर्धारित समय तक डिजिटलीकरण कराना अनिवार्य है वरना सभी रिक्शा चालकों के ख़िलाफ़ कार्यवाही की जाएगी जो पंजीयन नहीं कराएगा ।
चेतना भवन में आयोजित कार्यक्रम में आईजी रामगोपाल गर्ग,नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे,यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे सहित बड़ी संख्या में ई रिक्शा चालकों की उपस्थिति रही है ।









