बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव
शहर के एक प्रसिद्ध होटल संस्थान महेश स्वीट्स को
मिलावट कर मिठाई बनाने के मामले में हाई कोर्ट ने
जनता की सेहत के खिलवाड़ करने के मामले में 1 लाख रुपये का जुर्माना के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है,हाई कोर्ट ने टिप्पणी की है कि खाद्य सुरक्षा पर कोई समझता नहीं है जनता की सेहत का सवाल है,निचली अदालत के फैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी और सैंपल को दूसरे लैब में जाँच कराने की बात होटल ने कहीं थी,जिसे हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। कोर्ट ने मिठाई में अरारोट की जगह मक्के का स्टार्च मिलाकर मिठाई बनाने के लिए निचली अदालत ने एक लाख का जुर्माना लगाया था,जिसे हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना पूरी तरह विक्रेता की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मिलावट को गंभीर अपराध मानते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया और जुर्माने को यथावत रखा। साथ ही यह भी कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।








