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बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव
डीपी विप्र कॉलेज के रिटायर्ड प्राध्यापिका बुजुर्ग महिला के पास सायबर ठग ने मोबाइल फोन वटसअप मैसेज भेज कर कॉल कर वीडियों कॉल के माध्यम से टेरर फंडिंग के नाम से डराकर डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर 1 करोड़ 4लाख 80 हज़ार रुपये ऑनलाइन विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिया ।
ऑनलाइन ठगी जानकारी जब बेटे को हुई तो घटना की शिकायत साइबर क्राइम सेल में की गई।
सायबर सेल ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।सायबर सेल मामले को विवेचना में लिया है ।
सायबर सेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशांत श्रीवास्तव पिता स्व.बृजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 60 वर्ष बी/403 रियल हैवन
शांति नगर मंगला चौक निवासी ने
सायबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है,उसकी माँ श्रीमती रमन श्रीवास्तव 82 वर्ष
डीपी विप्र कॉलेज में प्राध्यापिका रही,2005 में रिटायर्ड होने के बाद मंगला
स्थित रियल हैवन मंगला में रहती है ।
मैं मुंबई के प्रायवेट कंपनी में डायरेक्टर हूँ ।
27अप्रैल को मेरी माँ ने 50 लाख रुपये माँगी तो इतनी बड़ी रकम की
आवश्यकता पुछी तो उन्होंने ने जानकारी दी कि 20अप्रैल को दोपहर 3बजे
अज्ञात व्यक्ति का मोबाइल नंबर में मैसेज कर विडियों कॉल करने
को बोला और बताया गया कि टेररिस्ट ग्रुप में शामिल हो
और ट्रेरिस्टो को फंडिंग करने की बात कही गई डिजिटल
अरेस्ट होने की जानकारी दी करीब 2घंटे 10 मिनट तक पीड़ित महिला डिजिटल अरेस्ट रही और अरेस्ट होने से बचना है तो बताए गए खातों में रुपये
ट्रांसफर करने को कहा गया है,पीड़ित बुजुर्ग महिला को सायबर ठग ने धमकी दी बेटे और पोतो के नंबर को भी ट्रेस किया जा रहा है।
उनको भी गिरफ्तार किया जा सकता है ,अभी सिर्फ आपके बारे वारंट है क्राइम ब्रांच नाम एक नोटिस भेजा गया ,एक पीएफआई ऑर्गनजेशन को
बैन कर दिया गया एक फोटो भेजा गया और उसको फंडिंग करने की जानकारी दी ।
साइबर ठग ने कैनेरा बैंक का डेबिट कार्ड,बैंक स्टेटमेंट,जिसमें पीड़ित बुजुर्ग महिला का नाम दर्ज एक जानकारी भेजा गया ,उसको देखकर डर गई और शाम को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस भेजा गया ।
फिर सायबर ठग ने ED द्वारा जाँच कर लिया गया है बताया और पीड़ित महिला को सस्पेक्ट होने की बात बोला गया और ED को सबूत की जरूरत नहीं पड़ती है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुना देगा डर कर पीड़ित ने अलग -अलग किस्तों में रुपये जमा करवाया ।
सायबर ठग ने सारे जमा राशि पीपीएफ खाते, एफडी ,का विवरण लेकर एक खाते में ट्रांसफर कर ने को कहा और 21अप्रैल को पीड़ित बुजुर्ग महिला का फोटो लगा हुआ ED का नोटिस भेजा गया ।
जिसमें पीएमएलए का महिला को दोषी पाया गया है ,पूरी सम्पत्ति,ज्वैलरी आरबीआई के अकाउंट में जमा करना होगा नहीं तो गिरफ्तार कर नासिक जेल भेजा जाएगा ।
उसके बाद सायबर ठग के बताए गए आईसीआईसीआई बैंक खाते में 2 बार 20 लाख 20हज़ार रुपये फिर
34 लाख 20हज़ार रुपये,सिटी बैंक यूनियन में 15लाख 20 हज़ार रुपये,आईसीआईसीआई बैंक बैंक खाते में 35 लाख 20 रुपये आरटीजीएस द्वारा ट्रांसफर किए गए ।
फिर 27अप्रैल को ED का नोटिस भेजा गया जिसमें वारंट रद्द होने की बात बताई गई और पूरे केस को खत्म करने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई ,पीड़ित बुजुर्ग महिला रुपये नहीं होने की बात कही तो बेटे से मांग कर दो दिन बाद जमा करने को बोला गया ।
मुंबई में रह रहे बेटे को जानकारी हुई तो बेटे प्रशांत श्रीवास्तव ने 1 करोड़ 4 लाख रुपये 80 हज़ार धोखाधड़ी कर ऑनलाइन सायबर ठगी होने की जानकारी दी ।
घटना की शिकायत सायबर सेल में की गई है शिकायत के आधार पर सायबर सेल ने आरोपी संजय PSI के मोबाइल धारक के खिलाफ सायबर एक्ट 66(C),66(D),बीएनएस की धारा 308(6),318(4) के ख़िलाफ़ अपराध दर्ज कर लिया है ।








