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अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव बिलासपुर/एनसीआरबी रिपोर्ट 2026 के अनुसार छत्तीसगढ़ में सबसे जायदा सायबर अपराध बढ़े हैं,प्रदेश में दर्ज मामलों में 2022 के 2023की अपेक्षा 2024 सायबर अपराध का ग्राफ़ में 50% वृद्धि हुई है ।राज्य के 6जिलों में है सायबर थाना,जहाँ हाईटेक सिस्टम लगा हुआ है । राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) ने7 मई, 2026 को " भारत में अपराध 2024" रिपोर्ट जारी की। जहां एक ओर संज्ञेय अपराधों में कुल मिलाकर कमी आई (जिसका आंशिक कारण आईपीसी से बीएनएस कानूनी ढांचे में परिवर्तन था), वहीं साइबर अपराधों में लगभग वृद्धि हुई 18%वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े अपराधों में वृद्धि हुई 16.9%और छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याएं सभी दर्ज आत्महत्याओं का8.48हिस्सा थीं ।
कुल पंजीकृत संज्ञेय अपराध घटकर 58.85 लाख हो गए।
प्रति लाख जनसंख्या पर राष्ट्रीय अपराध दर (448.3 )2023 में (418.9)से घटकर 2024 में हो गई।
साइबर अपराध में वृद्धि : 10 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं (1,01,928)
जिनमें से 10 लाख से अधिक (73%)वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध का बढ़ा ग्राफ, NCRB रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़ें
पूरे देश में साइबर अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
साल 2024 में 2023 में साइबर अपराध में वृद्धि दर्ज की गई है.
भारत मेंसाइबर अपराध के तहत कुल 101928 मामले दर्ज किए गए, जो 2023
(86420 मामले) की तुलना में 17.9% की वृद्धि दिखा रहा है.
इस श्रेणी के तहत अपराध दर 2023 में 6.2 से बढ़कर 2024 में 7.3 हो गई.
2024 के दौरान, दर्ज किए गए साइबर अपराध के 72.6% मामले धोखाधड़ी के 101928 मामलों में से 73987 से जुड़े थे.इसके बाद 3.1% (3190 मामले) के साथ यौन शोषण और 2.5% (2536 मामले) के साथ जबरन वसूली थी.
क्या है NCRB की रिपोर्ट ?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 2024 में तेलंगाना में 27,230 मामलों के साथ भारत में सबसे अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए.
इसके बाद 21,993 मामलों के साथ कर्नाटक और 11073 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश का स्थान है. छत्तीसगढ़ में 2024 में 660 मामले सामने आए.वर्ष 2024 के लिए छत्तीसगढ़ की अनुमानित जनसंख्या 306.4 लाख है.
छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध हाल ही में बढ़ा है, जो 2022 में 439 और 2023 में 473 मामलों से बढ़कर 2024 में 660 के शिखर पर पहुंच गया.मध्य वर्ष की अनुमानित आबादी 306.4 लाख के साथ, राज्य ने प्रति लाख निवासियों पर 2.2 की अपराध दर बनाए रखी.कानून प्रवर्तन ने इस उछाल पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी,
जिससे वर्ष 2024 के लिए 76.3% की उच्च आरोप-पत्र दर प्राप्त हुई.2023 से 2024 के बीच छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के मामलों की संख्या में 39.53% की वृद्धि हुई.2022 और 2024 के बीच छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध की कुल मात्रा में 50.34% की वृद्धि हुई.
2024 में छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के पीछे का मकसद मुख्य रूप से वित्तीय लाभ और सामाजिक हेरफेर से प्रेरित था.कुल 660 मामलों में से 111 मामलों में धोखाधड़ी प्रमुख पहचाने गए उद्देश्य के रूप में उभरी है ।
जो राज्य में डिजिटल अपराधों की जटिल और विकसित होती प्रकृति को दर्शाता है.








