शहर की बेटी प्रिया साव ने क्रिकेट का मैदान तो जीत लिया,अब ब्लड कैंसर की लड़ाई से जूझ रही है,पिता प्लम्बर है आर्थिक तौर पर शहरवासी मदद को सामने आए

बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़ -शरद यादव

हमारे शहर की होनहार प्यारी बच्ची खेल का का मैदान तो उसने जीत लिया ,अब जिंदगी की जंग से जूझ रही है,अभी महीने भर पहले पता चला कि उस बच्ची को ब्लड कैंसर है,अभी क्रिकेट के मैदान नहीं कैंसर की जंग लड़ रही है,अभी पिछले एक महीने रायपुर एम्स में इलाज चल रहा है ।
इस जंग में बिटिया रानी जीत कर जल्दी ही मैदान में दिखाई दे इसके लिए हम शहरवासी दिल से भगवान से प्रार्थना करते हैं ।
अक्षय साव 55 वर्ष अरपापार नया सरकंडा बंगालीपारा  में किराए के मकान में रहते हैं  प्लंबर का काम करते है,उनकी 3 बेटीयाँ है मेहनत कर अपने बच्चियों का पालन -पोषण कर रहे तीनों बिटिया अभी पढ़ाई कर रही है,बिटिया प्रिया साव 24वर्ष तीनों बहनों में सबसे तेज है ,बचपन से क्रिकेट खेल के प्रति अलग ही झुकाव रहा है  ,मन में अच्छी क्रिकेटर बनने का सपना संजोय कड़े परिश्रम कर अपनी मंजिल की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी इसमें उनके पिता भी मदद कर रहे थे ।
पहले तो पिता को ये बात पता चला तो क्रिकेट जैसे कठिन खेल को खेलने के लिए मना किया ,लेकिन बेटी की जिद् के आगे पिता ने आगे बढ़ाने जैसे तैसे आर्थिक व्यवस्था कर सामर्थ के अनुसार सरकंडा स्थित आर के क्रिकेट एकेडमी में भेजना शुरू किया वहाँ के खिलाड़ियों के कोच जगदीश यादव ने प्रिया के प्रतिभा को जल्द ही पहचान लिया पिता को ये बात समझ नहीं आई की एक नई उभरते हुए खिलाड़ी है उनकी बेटी ,ये बात तब पता चला जब स्वयं कोच ने बताया कि बिटिया एक अच्छी क्रिकेट खिलाड़ी है ,उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं ,ये मेरी जिम्मेदारी है और उसको आगे बढ़ाने में जो भी मदद लगेगा करेंगे ।
धीरे -धीरे जिला स्तर पर चयन हुआ और राज्य स्तर फिर अंतर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने लगी ।
वो एक अच्छी बॉलर है ,डियूज बॉल पर खेलती है और एक अच्छी स्पिनर है,पिता खुश थे उनकी बेटी का सपना धीरे-धीरे पूरा हो रहा है , लेकिन पिछले कुछ महीनों से अचानक से प्रिया का तबीयत बिगड़ने लगा डॉ के पास जाने पर बताया कि बिटिया को निमोनिया हो गया है,बिलासपुर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है पिता को लगा बिटिया की ट्रेनिंग खासकर खिलाड़ियों की भी ट्रेनिंग सेना की ट्रेनिंग जैसे होता है एकदम कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है ,घंटों बर्फ के ड्रम में डूबा रहना पड़ता है,भरपूर एक्ज़ासाइज भी कराया जाता है ताकि हर परिस्थिति में फिट रहे,पिता को लगा निमोनिया हुआ है जल्दी ही ठीक हो जाएगा ।
लेकिन पिछले पाँच-छै महीनों से निमोनिया का इलाज चल रहा है शारीरिक स्थिति कमजोर होते जा रही है ,डॉ ने पिछले महीने शक के आधार पर बाइयोप्सी टेस्ट कराया तो पिता के पैरों तले जमीन खिसक गया जब डॉ ने एम्स रायपुर भेजा जिसमें डॉक्टरों ने बताया कि प्रिया को तीसरे चरण का ब्लड कैंसर है,इतना सुनते ही पूरे घर परिवार में मातम छा गया एक होनहार बेटी को क्या हो गया ,इतनी छोटी उमर में इतनी बड़ी बीमारी हो गया सभी हैरान हो गए पिछले एक महीने से एम्स में इलाज चल रहा है ।
राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारी को पता चला तो उन्होंने ने प्रिया से एम्स में हालचाल जानने पहुंचे और हर संभव मदद करने उनके पिता को आश्वासन दिया है ।
प्रिया के पिता अपनी बिटिया के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है जितना खर्च हो रहा है अपने सामर्थ अनुसार कर रहे है लेकिन सबको को पता है ,कैंसर का इलाज बहुत महंगा है प्रिया कि सहेलियाँ दिन रात मदद के लिए इधर-उधर से कुछ-कुछ फण्ड की व्यवस्था कर रही है,हम शहरवासियों का फ़र्ज़ बनता है,हमारे शहर की बिटिया जल्दी कैंसर की जंग जीत कर जल्दी ही स्वास्थ्य होकर वापस क्रिकेट के मैदान में वापस लौटे,ये हम सब प्रार्थना करें और आर्थिक तौर पर जो मदद हो सके उनके पिता अक्षय साव का संपर्क नंबर है +91 93033 02719 है ,आपसभी प्रदेश और शहरवासियों से विनम्र निवेदन है कि हमारी की बिटिया की मदद आर्थिक तौर पर करें।

संपादक:शरद यादव
9203679426 9827179426

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