बुजुर्ग दंपत्ति के डीमेट अकाउंट का ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीज प्रायवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने 44 लाख रुपये की धोखाधड़ी की सेंट बैंक के मैनेजर और कर्मचारी ने ग्राहक लोन के राशि का 4 लाख 60 का गबन कर लिया

बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव 

बैंक के कर्मचारियों के मिलीभगत के दो मामलों में 49 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है एक में डीमेट एकाउंटधारी बुजुर्ग दंपत्ति के संयुक्त खाते से एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने खाते का ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर करीब 44 लाख रुपये के शेयर व म्यूचलफण्ड की राशि निकाल लिए गए । वहीं दूसरे मामलें में सेंट बैंक में जमीन को बंधक बनाकर लोन लेने वाले बैंक के एक ग्राहक किश्त की राशि कों बैंक मैनेजर और एक कर्मचारी ने मिलीभगत कर 4 लाख 60 हज़ार रुपए  गबन कर लिए और ग्राहक के लोन के खाते में पैसा जमा नहीं कराया । पुलिस ने दोनों ही मामलों में आरोपीयों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है ।

पहला मामला तारबाहर क्रांति नगर निवासी रत्नेश दूबे के पिता रमेश दुबे और माता श्रीमती शकुंतला दुबे के नाम से नारायण प्लाजा स्थित एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिट्ज़ प्राइवेट लिमिटेड में डीमेट संयुक्त खाता खोला गया था । 12 जनवरी को मोबाइल में मेसैज के माध्यम से जानकारी हुई कि खाते में शेषराशि ज़ीरो है,बिलासपुर स्थित ऑफिस में जानकारी लेने पर आनंद अग्रवाल और रायपुर के प्रतीक जैन द्वारा जानकारी दी गई कि 5दिसंबर 2023 को वेनचर सिक्युरिटीज द्वारा 31 लाख 25 हज़ार 522रुपये के शेयर और म्यूचलफ़ंड अनुमानित राशि 44 लाख 35 हज़ार 855 रुपये एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीज के खाते में ट्रांसफर किए गए ।

पीड़ित के पुत्र का आरोप है कि लगाया है कि डीमेट अकाउंट के खाते का ईमेल आईडी और मोबाइल नम्बर नंबर को कर्मचारियों के मिली भगत से फर्जी तरीके से बदलकर राशि निकाल ली गई है । जिसकी रिपोर्ट रत्नेश दुबे ने तारबाहर थाने में दर्ज कराया है ।पुलिस ने आरोपीयों के खिलाफ धारा 316(5),318(4) के तहत मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है ।

वहीं दूसरा मामला तोरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हेमूनगर के शकिल कुरैशी पिता स्व.जमींल कुरैशी उम्र 50वर्ष ने 26 मई को पुलिस अधीक्षक कार्यलाय में एक लिखित शिकायत दर्ज कर बताया था कि सेंट बैंक होम फ़ायनेंस लिमिटेड,मित्तल काम्प्लेक्स व्यापार बिलासपुर  ब्रांच से अपनी जमीन खसरा नम्बर 175/13 रकबा 2008.28 वर्गफुट को बंधक बनाकर 12 लाख रुपये लोन लिया था ।1 अप्रेल 2012 से जिसको 180 माह तक 16692 रुपये मासिक किस्त जमा करना था । 9 दिसंबर 2025 के स्टेटमेंट के अनुसार लोन की कुल राशि 27 लाख 58 हज़ार 874 रुपये से अधिक राशि जमाकर रसीद प्राप्त कर लिया गया था । बैंक के मैनेजर सुश्री अर्पणा विश्वास एक अन्य कर्मचारी नितिन निगम के द्वारा 7 लाख 35 हज़ार रुपये में 2लाख 75 हज़ार रुपये ही लोन जमा दिखाया जा रहा है और 4 लाख 60 हज़ार रुपये खाते में जमा ही नहीं किया गया और शेष राशि 15 लाख 97 हज़ार 657 रुपये शेष लोन दिखाकर बैंक मैनेजर और कर्मचारी द्वारा सम्पत्ति को जप्त कर,कुर्की करने का षड्यंत्र रचा गया । शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाँच में गबन का मामला पाया गया है ।मामलें में तोरवा पुलिस ने बैंक मैनेजर और कर्मचारी के ख़िलाफ़ आईपीसी के धारा 34,420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।

 

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