बिलासपुर/ वार्ड क्रमांक 65 संत नामदेव बँधवापारा सरकंडा के क्षेत्र रामनगर पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोगों ने मंगलवार को नागरिक नगर निगम व ठेकेदार की लापरवाही से परेशान होकर निगम आयुक्त से शिकायत करने पहुंचे । पार्षद के नेतृत्व में 40-50 लोंगों ने निगम प्रशासन से शिकायत करने पहुंचे थे ।
अरपापार के सबसे बड़े झोपड़ पट्टी में शुमार वार्ड 65 में पिछले एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है,इसकी शिकायत को लेकर निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे से वार्ड के पार्षद तिहारी जायसवाल के नेतृत्व में विकास भवन पहुंचे है । कोई जिम्मदार अधिकारी नहीं मिला तो शिकायत शाखा के बाबू के पास शिकायत पत्र निगम आयुक्त के नाम से ज्ञापन पत्र सौंपा ।
पार्षद का आरोप निगम के ठेकेदार और निगम के लापरवाही के चलते सुधार कार्यो में देरी होती है ।वार्ड में कई ऐसे नए बोर पंप खनन निगम द्वारा कराया गया लेकिन उसमें पंप नहीं डाला गया है जो एक बड़ी लापरवाही है ।इस वार्ड में आए दिन पंप खराब होता है निगम के अधिकारियों को शिकायत कर थक जाते है लेकिन उनको कोई फ़र्क नहीं पड़ता है ,इन्ही मनमानी के चलते आज वार्ड के महिलाओं ने पार्षद के साथ निगम ऑफिस पहुंचे थे लेकिन उनकी सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी वहाँ पर नहीं था ।
सोलह हज़ार की आबादी वाले वार्ड में करीब 18-20 बोर पंप है ,इसके अलावा पानी का कोई साधन नहीं है ,वहाँ पर बोर पंप जायदा लोड के कारण आय दिन जल जाता है।
यहाँ पर एक पानी की टंकी की आवश्यकता है,पानी सप्लाई के लिए पानी टंकी उपयुक्त साधन है ।ठेकेदारी में पंप ऑपरेटर कार्य करते कर्मचारी मनमानी करते हैं,पंप चालू करते है,सही समय में पंप बंद नहीं होता और पंप जल जाता है।अब बोर पंप खराब हुआ तो वो भी ठेके में बिगड़े पंप कों बनाने के लिए कर्मचारी आते है,मनमानी इतनी की कई सप्ताह तक बोर चालू नहीं होता है,आम जनता को प्रतिदिन पानी की आवश्यकता होती है और इन कर्मचारियों कि मनमानी कि समस्या से आम जनता परेशान रहती है ।इसी बात के शिकायत को लेकर वार्ड नंबर 65 संत नाम देव नगर के वार्ड के नागरिकों ने पार्षद तिहारी जायसवाल के साथ महापौर पूजा विधानी एवं निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है ।
साथ ही वार्ड के नागरिकों ने मांग की है कि बोर के अलावा एक नए पानी टंकी के निर्माण की आवश्कता है ।इसके लिए उन्होंने निगम के अधिकारियों से चर्चा की है ।
निगम के इस वार्ड में करीब 16-18 हज़ार लोग निवास करते है,वहीं करीब 10.12 हज़ार वोटर है जो हर वर्ष चुनाव में वोट करते है ।अभी निगम के कई वार्डों के नागरिकों को यहाँ बने अटल आवास,प्रधान मंत्री आवास और अनेक सरकारी योजनाओं से बने मकानों में शिफ्ट किया गया है ।
हर वर्ष यहाँ बढ़ती जनसंख्या कारण शहर में कहीं भी बेजा क़ब्ज़ा निगम निर्माण कर वहाँ के लोगों को विथापित करती है तो सभी को बांधवापारा के वार्ड में बने मकानों में भेजा जाता है ।
इसका भी असर यहाँ के संसाधनों पर पड़ता है बिजली,पानी, सड़क के लिए निगम कों करोड़ों रुपये खर्च करना पड़ता है,यहाँ पर जायदातर ग़रीब वर्गों का निवास है ।








