बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़ -शरद यादव
नसबंदी केस में डॉ गुप्ता को ग़ैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाया गया है ,पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है ।
घटना नवंबर 2014 में सकरी हॉस्पिटल की है,एडीजे कोर्ट के बिलासपुर के न्यायाधीश शैलश कुमार ने डॉ आर के गुप्ता को दोषी यानी ग़ैर इरादतन हत्या के मामले में 2साल की सजा और25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है । इसके अलावा धारा 337 के तहत 6महीने की सजा 500रुपये जुर्माना लगाया गया है,इसके अलावा एक और धारा 379 में 1 महीने की सजा सुनाई गई है ।
कोर्ट ने माना है कि कम समय में अधिक ऑपरेशन करने और लापरवाही के कारण हुई है ।
नसबंदी कांड 2014 में हुआ था:सकरी के नेमीचंद हॉस्पिटल ,पेंड्रा,पेंडारी में नसबंदी का शिविर लगाया गया था,इन शिविरों में महिलाओं का नसबंदी ऑपरेशन किया गया था, जिसमें जिला तबीयत खराब होने पर 100 अधिक महिलाओं जिला अस्पताल,सिम्स,प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था।जिसमें 15 महिलाएं की मौत हो गई थी ।इस दौरान में पूरे प्रदेश हड़कंप मच गया था और इस मामले ये भी आशंका जताया गया था की दवाई में ज़हर (जिंक फ़ास्फ़ाइड)मिला था।
इस मामले में दवा सप्लायर महावीर फार्मा एवं कविता फार्मास्यूटिकल्स समेत को सबूतों के 5 आरोपी रमेश महावर, सुमित महावर, राकेश खरे, राजेश खरे और मनीष खरे को कोर्ट ने सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।अभाव में बरी कर दिया गया है फैसला 11 साल 4महीने बाद आया है ।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में बिलासपुर में दौरा कर पीड़ितों से मिले थे।








