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बिलासपुर /सिरगिट्टी क्षेत्र में पुलिस ने एक माह पूर्व 23बंगलादेशीयों नागरिक होने की सूचना पर पुलिस ने गिरफ्तार कर रायपुर होल्डिंग डिटेंशन सेंटर में भेज दिया था ।
जहाँ पर उनकी नागरिकता की जांच चल रही थी दस्तावेजों की जांच,और सबंधित निवास स्थल में पुलिस को स्थानीय प्रशासन ने जानकारी उपलब्ध कराई है उनके परिवारों एवं वंशवृक्ष की जांच की तो सही पाया गया है ,19 भारतीय नागरिक है,4 नागिरिकों की नागरिकता संदिग्ध है ।
पुलिस ने काफ़ी नागरिकों का जाँच किया था ।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया है कि एसटीएफ इस मामलें की जांच करने इन लोगों के जांच करने के लिए उनके दस्तावेजों में लिखे गए पते पर जाँच करने पहुंची तो कोई व्यक्ति उपलब्ध नहीं मिला कारण वो सभी अप्रवासी मजदूर है जो दूसरे जगहों पर चले गए थे इसलिए कोई जानकारी नहीं मिली तो इसी आधार पर सिरग्गिट्टी क्षेत्र से 23 संदिग्धों की गिरफ़्तारी कर रायपुर स्थित होल्डिंग डिटेशन सेंटर भेजा गया था ।इसके बाद उनके पते जाँच करने एसटीएफ 14-15दिनों तक डेरा डालकर जाँच करने गई थी तो कोई भी व्यक्ति उनके परिवार का स्थानीय पते पर नहीं मिला था ।इस दौरान पुलिस ने में दर्शाए गए पते की जांच के लिए एक पत्र लिखा तो
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने संदिग्धों की लिखित जानकारी भेजी है जिसमें रिश्तेदारों ,मतदाता सूची में दर्ज नाम, की पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने लिखित में दी है उसी आधार पर 19 को भारतीय नागरिक होना पाया गया है और 4 नागरिकों के संबंध में जानकारी नहीं मिली है,दस्तावेजों की जांच चल रही है ।
पुलिस ने रायपुर डिटेंशन सेंटर 19 नागरिकों के सत्यापन होने पर उनको वापस छोड़ दिया है ।
***उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी बेवजह आरोप इस तरह लगाती है ,ये संदिग्ध थे जिसका पुलिस द्वारा जांच किया जा रहा था । जाँच में जो तथ्य आयेगा उस आधार पर कार्यवाही होगी बेवजह इस तरह की बातें कहना आख़िर कुछ लोग तो पाए ही गए बांग्लादेशी जो पकड़े गए थे वो संदिग्ध थे।बाद में जाँच के बाद पता चला कि वे भारत के नागरिक हैं तो उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।








