छपरीबाज बाइक राइडरों ,,से भगवान बचायें

बिलासपुर/सत्येंद्र सिंह ठाकुर -अरपा प्रवाह न्यूज़)

फर्राटे भरती गाड़ियां, पुलिसिया गस्त भी ढीला।
गौरतलब हो कि, बिलासपुर शहर यूँ तो अपराध का अड्डा बनते जा रहा है। इन यातायात नियम का खुल्ला उल्लघन जबकि 173 करोड़ रुपये आईटीएमएस पर खर्च कर हर चौक चौराहे पर कैमरा लगाया गया है। लेकिन एक और अपराध है जो नज़र तो आता है पर पकड़ा कोई नहीं जाता और उस अपराध का नाम है हाई स्पीड गाड़ियां, प्रेसर हॉर्न, और कानफोड़ू साइलेंसर नगर के सभी चौक चौराहों और नो पार्किंग स्थल का नीरीक्षण कर जमकर चालान काटा जा रहा है लेकिन गलियों में फर्राटे भर रहे कुछ छपरी किस्म के लोग इतनी तेज गति से वाहन चला रहे हैं की बुजुर्ग और बच्चे सड़क पर चलने से भी डरते हैं। बिना लाइसेंस वाहन चालकों की संख्या कितनी है और आरटीओ की तरफ से क्या गाइडलाइन है इसका कोई सारोकार किसी भी विभागीय अधिकारी को शायद नहीं है। आम लोगो को जिस तरह कानफोड़ू साइलेंसर लोगो के ह्रदय में दहशत भर रही और छोटी पतली गलियों में खतरनाक मौत के कुँए का खेल चाल रहा, ये बिलकुल समझ से परे है। कम उम्र के बच्चे और मंगनी की गाडी चलाने वाले कुछ असभ्य बच्चे जिनको न अपनी और न आम जनता की परवाह है। लापरवाही पूर्वक वाहन चलते हुए किसी को भी ठोकर मार देते हैं जिससे जान माल की हानि होना तय है। शहर में कुछ सड़कें बस इसीलिए बदनाम है जिसमे अशोकनगर रोड, डीएलएस कॉलेज रोड, कोनी रोड, रिवर व्यू रोड, श्रीकांत वर्मा मार्ग मुख्य हैं इन सभी सड़कों में या तो सेंसर होने चाहिए या तो पॉइंट ड्यूटी लगायी जानी चाहिए।
शहर के हर हिस्से में इनको फर्राटे भरते देखा जा सकता है ।

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