बिलासपुर:अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव
आबकारी विभाग ने वर्ष 2026-27 में शराब दुकान बंद रखने के लिए पूरे वर्ष में
चार शुष्क (ड्राई डे ) घोषित किया है,इसके अलावा सरकार का निर्देश है विशेष परिस्थितियों में कलेक्टर कानून व्यवस्था के मध्य नजर जिले में शराब दुकान बंद करने का आदेश जारी कर सकते है ।
**15 अगस्त,26 जनवरी ,2अक्तूबर गांधी जयंती,18 दिसंबर गुरुघासीदास जयंती को ड्राय-डे घोषित किया है ।
आबकारी विभाग ने आदेश फ़रवरी 2026 को जारी कर ,सभी जिला आबकारी विभागों और कलेक्टर को भेजा है ,उसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि शराब दुकान खुला रखने का निर्णय कलेक्टर और आबकारी विभाग तय करेंगे,67 स्वीकृत दुकानों में 35 दुकानें और खोली जाएगी।
शराब दुकान सुदूर इलाकों में खोल जाए ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब की बिक्री ना कर सकें ।
इसके अलावा आबकारी विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि आवश्यकतानुसार प्रीमियम शराब दुकानें खोली जाएं ।

दुकानों को खोलने से पहले स्पष्ट कर लें कि कोई विरोध ना हो और कोई विरोध हो तो दुकानें दूसरी
जगह खोली जाएं ।
इस बार शराब की बिक्री देशी-अंग्रेजी एक साथ खोली जाएगी और पीने के लिए आहाता सुविधा उपलब्ध होगी ।
**कांच नहीं प्लास्टिक पैकिंग की बोतल में मिलेगी शराब ,सरकार ने इस बार पैकिंग में बदलाव किया है ।
**राजस्व 2025-26 में शराब से राजस्व का आंकड़ा 10 हज़ार करोड़ रुपये से आगे हो गया है,आने वाले वित्त वर्ष 2026-27में 12 से 15हजार करोड़ रुपये तक जा सकता है ।
***होली में राज्य सरकार को 500करोड़ रुपये के आसपास का राजस्व मिला है ।
पूरे देश में छत्तीसगढ़ राज्य शराब पीने वाले में :-
***नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के आंकड़ों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश भारत में सबसे अधिक शराब पीने वाला राज्य है, जहाँ लगभग 53% पुरुष और 24% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। वहीं, खपत की कुल मात्रा (Volume) के मामले में कर्नाटक और तमिलनाडु शीर्ष पर हैं।
भारत में शराब की खपत से जुड़े मुख्य तथ्य:
सबसे ज्यादा प्रतिशत: अरुणाचल प्रदेश शीर्ष पर है।
***शीर्ष उपभोक्ता राज्य: छत्तीसगढ़ (35.6% से अधिक वयस्क) भी उच्च खपत वाला राज्य है।
अन्य प्रमुख राज्य: अरुणाचल के बाद तेलंगाना (43.3% पुरुष), सिक्किम (40% पुरुष), और गोवा (36.9% पुरुष) भी प्रमुख हैं।
क्षेत्रीय आधार पर: दक्षिण भारत में शराब की खपत देश में सबसे अधिक है, कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों मिलकर देश की कुल खपत का लगभग 30% हिस्सा पीते हैं।








