बिलासपुर/रायपुर-अरपा प्रवाह न्यूज़

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सरकारनेअवैधउत्खनन ,परिवहन ,भंडारण के ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाही करने गौण खनिज अधिनियमों में संशोधन किया है अब अवैध खनन मामलें में सख्त कार्यवाही होगी ।
कैबिनेट की बैठक में मंज़ूरी मिलने के बाद नए नियम लागू हो गया है,इस नियम को बनाने का उद्देश्य अवैध खनन पर अंकुश लगाना ,राजस्व बढ़ाना,खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है ।
***अवैध खनन पर लगने वाले जुर्माना में बदलाव :सरकार सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनन और परिवहन पर लगने वाले जुर्माने में किया है,अब किसी मामलें में समझौता राशि 25 हज़ार रुपये से कम नहीं होगा ।
***अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हज़ार रुपये की दर से समझौता शुल्क पटाना होगा ।इसके अलावा अवैध परिवहन से ले जा रहे खनिज का पूरा मुल्य अलग से वसूला जाएगा ।उदाहरण-यदि कोई वाहन 35टन खनिज का अवैध परिवहन करते हुए पाया जाता है तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70हज़ार रुपये और खनिज मूल्य अलग से देना होगा ।
***ट्रैक्टर सें अवैध रेत परिवहन करते पाए जाने पर न्यूनतम 25हज़ार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा,
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दुबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सके,अब जप्त वाहन ,मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले सबंधित न्यायलय में वाहन के प्रकार के आधार पर 50 हज़ार रुपए से लेकर 3लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यो को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए है ।
शासकीय निर्माण कार्यो के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टयर से बढ़ाकर 2हेक्टेयर कर दी गई है ।लीज की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3वर्ष किया गया है ।








