बिलासपुर/अरपा प्रवाह न्यूज़-शरद यादव 
शहर में दो व्यवसायी के ख़िलाफ़ नक़ली सामान बेचने के मामले में पुलिस ने जाँच अधिकारी के शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है,एक ऑटो पार्ट्स दुकान को गाड़ियों के नक़ली पार्ट्स और इलेक्ट्रिकल्स शॉप के संचालक द्वारा नकली वायर और इलक्ट्रिक्ल्स सामान बेचने के आरोप में पुलिस ने कंपनी के शिकायत पर कार्यवाही की है ।पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है ।
पहला मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है,बमबोले ऑटो पार्ट्स मगरपारा में यूनो मिंडा कंपनी के जाँच अधिकारी सुभाशीष देय पिता कालिदास देय उम्र 42 वर्ष कोलकत्ता निवासी बिलासपुर के सभी दुकानों में यूनो मिंडा कंपनी के पार्ट्स के नाम से नकली पार्ट्स सर्वे करने आए थे ।कंपनी के जांच अधिकारी को सूचना मिली कि इस दुकान में बड़ी मात्रा में कंपनी के ब्रांड के नाम से गाड़ियों हैंडलबार स्विच नकली पार्ट्स बेचा जा रहा है ।जिस पर कंपनी के जांच अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराया कि आरोपी द्वारा कंपनी के ब्रांड की छवि ख़राब कर न से नकली पार्ट्स बेचने से कंपनी के साख को नुकसान पहुंच रहा है साथ आर्थिक क्षति हो रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी अनुज चौरसिया के कॉपी राइट एक्ट 1957 के तहत धारा 63,बीएनएस के धारा 318(4),347,347 के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।
वहीं दूसरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत जूना बिलासपुर में माँ काली इलेक्ट्रिकल्स दुकान में बड़ी मात्रा में आर.आर कंपनी के इलेक्ट्रिकल नकली सामान मार्केट में ग्राहकों को बेचा जा रहा है जिस पर कंपनी के जाँच अधिकारी राज ठाकुर पिता स्व.लक्ष्मण सिंह ठाकुर निवासी इंदौर ने सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराया और पुलिस के साथ इलक्ट्रिक्ल्स दुकान में जाँच किए तो दुकान पर नकली आरआर पॉवर 0.75 मिमी पीवीसी इन्सलेटेड वायर्स एंड केबल्स(एमआरपी 2076) कुल 47 नग ,आरआर पॉवर 1.5 एमएम पीवीसी इंसलेटेड वायर्स एंड केबल्स(एमआरपी 3120) कुल 5नग ,आरआर पॉवर 1.00 एमएम पीवीसी इन्सलेटेड वायर्स एंड केबल्स(एमआरपी 2076) कुल 7 नग कुल 59 नग को जुमला कीमती 1 लाख 27 हजार रुपये के नकली सामान को पुलिस ने जप्त कर लिया है ।पुलिस ने आरोपी दुकान संचालक सुमित सिदारा पिता गोपीचंद सिदारा 30 वर्ष करबला निवासी द्वारा आरआर काबेल लिमिटेड के नाम ,ब्रांड से मिलते-जुलते तथा नकली वायर का विक्रय किया जा रहा है।जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा एवं व्यवसाय को नुकसान हो रहा है।आम ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी होने की संभावना है, वास्तविक उत्पादों के समान नाम, पैकेजिंग, ट्रेडमार्क अथवा अन्य ब्रांड पहचान वाले नकली सामान बेचा जा रहा है । कॉपी राइट अधिनियम 1957 के धारा 63,65 के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।








